IPO for NRI: अगर आप विदेश में रहने वाले भारतीय (NRI) हैं और भारतीय शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ (SBI Funds Management) के आईपीओ में पात्र NRI भी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन करने से पहले उन्हें भारतीय विदेशी मुद्रा नियम (FEMA), SEBI के नियमों और आईपीओ की पात्रता शर्तों को समझना जरूरी है। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, केवल वही NRI आवेदन कर सकते हैं, जो FEMA के Schedule 3 या Schedule 4 के तहत निवेश के पात्र हों और जिस देश में वे रहते हैं वहां के स्थानीय कानून भी इसकी अनुमति देते हों।
IPO for NRI: कौन से NRI कर सकते हैं आवेदन?
RHP के मुताबिक, Eligible NRI वही माने जाएंगे जो FEMA Rules के Schedule 3 और Schedule 4 के तहत भारतीय प्रतिभूतियों में निवेश करने के पात्र हों। साथ ही, उनके देश के कानून भारतीय IPO में निवेश की अनुमति देते हों।
IPO for NRI: NRI कैसे कर सकते हैं IPO में निवेश?
NRI निवेशक इन चरणों का पालन कर सकते हैं:
- भारत में NRE या NRO बैंक अकाउंट होना चाहिए।
- PAN कार्ड और KYC पूरी होनी चाहिए।
- Demat और Trading Account सक्रिय होना चाहिए।
- ASBA प्रक्रिया के जरिए आवेदन करना होगा।
- आवेदन के समय बैंक खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध होनी चाहिए, जो अलॉटमेंट तक ब्लॉक रहेगी।
IPO for NRI: किन बातों का रखें ध्यान?
NRI निवेशकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके निवास वाले देश के नियम भारतीय IPO में निवेश की अनुमति देते हों। इसके अलावा, विदेशी निवेश से जुड़े FEMA और टैक्स नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
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IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ प्राइस बैंड
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ का प्राइस बैंड 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर है।
IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ मार्केट लॉट
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपओ की मिनिमम मार्केट लॉट 26 शेयरों की है। इसके लिए एप्लीकेशन अमाउंट 14,924 रुपये है। रिटेल इन्वेस्टर्स ज्यादा से ज्यादा 13 लॉट के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जिसमें 338 शेयर होंगे और अमाउंट 1,94,012 रुपये होगा।
IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ रिटेल कोटा
इसमें रिटेल कोटा 35%, QIB कोटा 50% और HNI कोटा 15% है।
IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ शेयर अलॉटमेंट डेट
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई, 2026 को होगा।
IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ लिस्टिंग डेट
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ की लिस्टिंग 21 जुलाई, 2026 को BSE और NSE पर होगी।
IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ जीएमपी
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ का 10 जुलाई 2026 को सुबह 10:35 बजे लेटेस्ट ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP 86 रुपये है। वहीं कंपनी ने आईपीओ में अपर प्राइस बैंड 574 रुपये तय किया है। ऐसे में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ की अनुमानित लिस्टिंग करीब 660 रुपये हो सकती है। जीएमपी का यह आंकड़ा विभिन्न साइटों से जुटाया गया है। हालांकि यह समझना चाहिए जीएमपी लगातार बदलता रहता है। इसके अलावा ध्यान देना चाहिए कि लिस्टिंग जीएमपी के अनुसार हो भी सकती है और नहीं भी।
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IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट कंपनी की वित्तीय स्थिति
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने 2025 में 4,236.15 करोड़ रुपये के मुकाबले 2026 में 4,976.11 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी ने 2025 में 2,540.15 करोड़ रुपये के मुनाफे के मुकाबले 2026 में 3,067.38 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया।
IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के बारे में
1992 में बनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट इंडिया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। इसे एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करने का 38 साल का अनुभव है। इसे भारत के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का समर्थन प्राप्त है और यह Amundi और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का एक जॉइंट वेंचर है। भारत के अलावा, कंपनी की जापान, ऑस्ट्रेलिया और कोरिया में भी मौजूदगी है और इसका AUM 232,090.37 मिलियन रुपये है। कंपनी इक्विटी और इक्विटी-ओरिएंटेड, डेट, आर्बिट्राज, ETF, इंडेक्स, ओवरसीज फंड-ऑफ-फंड्स, और लिक्विड और ओवरनाइट फंड्स जैसी 126 म्यूचुअल फंड स्कीम का एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो मैनेज करती है। 31 दिसंबर, 2025 तक, कंपनी ने 16.05 मिलियन से ज्यादा निवेशकों को अपनी सेवाएं दी हैं और निवेशकों के लगभग 16.32 लाख करोड़ रुपये के पैसे को मैनेज करती है।
IPO for NRI: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ से जुड़े 10 बड़े रिस्क फैक्टर
- QAAUM पर निर्भरतार: कंपनी की आय और मुनाफा मुख्य रूप से Quarterly Average Assets Under Management (QAAUM) पर निर्भर है। AUM में गिरावट सीधे आय पर असर डाल सकती है।
- पूंजी बाजार में गिरावट का जोखिम: यदि शेयर या डेट बाजार में लंबे समय तक कमजोरी रहती है, तो AUM और मैनेजमेंट फीस दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
- निवेशकों द्वारा अधिक रिडेम्प्शन: यदि निवेशक बड़ी मात्रा में पैसा निकालते हैं और SIP प्रवाह घटता है, तो कारोबार और लाभप्रदता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
- वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिम: मध्य-पूर्व तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, व्यापार नीति में बदलाव और बाजार की अस्थिरता कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
- कच्चे तेल और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव: क्रूड ऑयल की कीमतों और करेंसी में अस्थिरता से निवेशकों की धारणा और बाजार प्रभावित हो सकते हैं।
- प्रतिस्पर्धा का जोखिम: अन्य एसेट मैनेजमेंट कंपनियों और वैकल्पिक निवेश उत्पादों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा बाजार हिस्सेदारी और मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
- बड़े ग्राहक पर निर्भरता: कंपनी के राजस्व का 10% से अधिक हिस्सा एक प्रमुख ग्राहक (SBI Mutual Fund Schemes) से आता है। इस संबंध में बदलाव का असर आय पर पड़ सकता है।
- बाजार जोखिम (Market Risk): इक्विटी, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड निवेशों की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
- क्रेडिट और विदेशी मुद्रा जोखिम: काउंटरपार्टी के डिफॉल्ट या विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव से वित्तीय जोखिम उत्पन्न हो सकता है।
- ऑफर प्राइस के बाद शेयर कीमत में गिरावट का जोखिम: लिस्टिंग के बाद शेयर का बाजार भाव ऑफर प्राइस से नीचे जा सकता है और निवेशकों को अपने निवेश का कुछ या पूरा हिस्सा गंवाना पड़ सकता है।
नोट: यह खबर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ आरएचपी से ली गई है। अगर इस बारे में ज्यादा जानकारी चाहते हों तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके जा सकते हैं।
SBI FUNDS MANAGEMENT LIMITED rhp document pdf
Disclaimer: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। upari kamai अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।





