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Wipro Bonus Share, Stock Split, Dividend History: क्या विप्रो ने 10,000 रुपये को 896 करोड़ रुपये बना दिया? जानें आंकड़े और सच

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Wipro Bonus Share, Stock Split, Dividend History: आईटी कंपनियों में से विप्रो एक कमाल का शेयर है। अगर वैल्थ क्रिएशन का मतलब समझना हो तो इस शेयर की हिस्ट्री को जानना चाहिए। जी हां यह सच है कि अगर किसी ने विप्रो में 10,000 रुपये लगाकर 1980 में 100 शेयर खरीदे होंगे और आज तक एक भी शेयर नहीं बेचा होगा, तो बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट के बाद जो शेयर होंगे उनकी संख्या करीब 5.12 करोड़ होगी। वहीं आज यानी 17 जुलाई 2026 को दोपहर में करीब 12 बजे विप्रो का शेयर बीएसई पर करीब 175 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। ऐसे में 10,000 रुपये के निवेश के वैल्यू बढ़कर करीब 896 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं करोड़ों रुपये की कमाई डिविडेंड के रूप में अलग से हुई है।

Wipro Bonus Share, Stock Split, Dividend History: विप्रो की लिस्टिंग हिस्ट्री

विप्रो (Wipro Ltd.) के शेयर बाजार में लिस्टिंग के सफर को समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा, क्योंकि आज जिस आईटी कंपनी के रूप में हम इसे जानते हैं, इसकी शुरुआत और पहली लिस्टिंग बहुत पुरानी है। विप्रो की लिस्टिंग और इसके शुरुआती रेट से जुड़े मुख्य तथ्य नीचे दिए गए हैं:

Wipro Bonus Share, Stock Split, Dividend History: विप्रो का शेयर कब लिस्ट हुआ था?

विप्रो की स्थापना 29 दिसंबर 1945 को ‘वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ के रूप में हुई थी। यह कंपनी मूल रूप से महाराष्ट्र के अमलनेर में वनस्पति तेल (cooking oil) बनाती थी।

BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्टिंग: यह कंपनी 13 जून 1947 को आधिकारिक तौर पर BSE पर लिस्ट हुई थी (कुछ रिकॉर्ड्स में इसकी शुरुआत 1946 से भी मानी जाती है जब इसका पहला पब्लिक ऑफर आया था)।

NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्टिंग: बहुत बाद में, जब 1990 के दशक में NSE की शुरुआत हुई, तब 1993 में विप्रो को NSE पर भी लिस्ट किया गया।

NYSE (न्यू यॉर्क स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्टिंग: वैश्विक स्तर पर, विप्रो अक्टूबर 2000 में NYSE पर अपनी एशियन डिपॉजिटरी रसीदें (ADRs) लिस्ट करने वाली प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों में से एक बनी।

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Wipro Bonus Share, Stock Split, Dividend History: यह किस रेट और प्रीमियम पर आया था विप्रो का शेयर?

चूंकि विप्रो की मूल लिस्टिंग आजादी के ठीक पहले (1946-1947 में) एक वनस्पति तेल कंपनी के रूप में हुई थी, उस समय आज की तरह आधुनिक बुक-बिल्डिंग आईपीओ (IPO) और ‘प्रीमियम लिस्टिंग’ का सिस्टम नहीं होता था।

शुरुआती फेस वैल्यू और रेट: उस जमाने में शेयर 100 रुपये की फेस वैल्यू (मूल कीमत) पर जारी किए जाते थे। इसलिए कंपनी की शुरुआत 100 रुपये के बेस प्राइस से हुई थी।

प्रीमियम की स्थिति: 1946 के उस दौर में कोई भारी लिस्टिंग प्रीमियम का डेटा मौजूद नहीं है, क्योंकि यह एक पारंपरिक कमोडिटी/ऑयल व्यवसाय था।

Wipro Bonus Share, Stock Split, Dividend History: विप्रो 1980 का बेस रेट

शेयर बाजार के विश्लेषक जब भी विप्रो के रिटर्न की गणना करते हैं, तो वे 1980 को बेस ईयर मानते हैं। 1977 में कंपनी का नाम बदलकर ‘विप्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ हुआ और 1980 से इसने आईटी (IT) सेक्टर में कदम रखा। 1980 में विप्रो के एक शेयर की फेस वैल्यू 100 रुपये थी।

Wipro Bonus Share, Stock Split, Dividend History: जानें विप्रो के 100 शेयर कैसे बने करोड़ों शेयर

यदि किसी निवेशक ने 1980 में 10,000 रुपये निवेश करके विप्रो के 100 शेयर लिए होते, तो सभी बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट के बाद आज (साल 2026 में) उन शेयरों की कुल संख्या 5 करोड़ 12 लाख (5,12,00,000) शेयर हो चुकी है।

शेयरों की गिनती का पूरा गणित (1980 से 2026)

  • शुरुआती निवेश (1980):फेस वैल्यू 100 रुपये।आपके पास मूल रूप से 100 शेयर थे।
  • पहला बोनस (1981): 1:1 Ratio. हर 1 शेयर पर 1 मुफ्त शेयर मिला। 100 शेयर बढ़कर 200 शेयर हो गए।
  • दूसरा बोनस (1985): 1:1 Ratio. 200 शेयर बढ़कर 400 शेयर हो गए।
  • पहला स्टॉक स्प्लिट (1986): 100 रुपये से 10 रुपये फेस वैल्यू.शेयर की फेस वैल्यू 100 रुपये से घटकर 10 रुपये हो गई, जिससे 1 शेयर के बदले 10 शेयर हो गए। ऐसे में 400 शेयर बढ़कर 4,000 शेयर हो गए।
  • तीसरा बोनस (1987): 1:1 Ratio. 4,000 शेयर बढ़कर 8,000 शेयर हो गए।
  • चौथा बोनस (1989): 1:1 Ratio. 8,000 शेयर बढ़कर 16,000 शेयर हो गए।
  • पांचवां बोनस (1992): 1:1 Ratio. 16,000 शेयर बढ़कर 32,000 शेयर हो गए।
  • छठा बोनस (1995): 1:1 Ratio. 32,000 शेयर बढ़कर 64,000 शेयर हो गए।
  • सातवां बोनस (1997): 2:1 Ratio. हर 1 शेयर पर 2 मुफ्त शेयर मिले (यानी कुल 3 गुना)। 64,000 शेयर बढ़कर 1,92,000 शेयर हो गए।
  • दूसरा स्टॉक स्प्लिट (1999): 10 रुपये से 2 रुपये फेस वैल्यू। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये से घटकर 2 रुपये हो गई, जिससे 1 शेयर के बदले 5 शेयर मिले। ऐसे में 1,92,000 शेयर बढ़कर 9,60,000 शेयर हो गए।
  • आठवां बोनस (2004): 2:1 Ratio. हर 1 शेयर पर 2 मुफ्त मिले (कुल 3 गुना)। 9,60,000 शेयर बढ़कर 28,80,000 शेयर हो गए।
  • नौवां बोनस (2005): 1:1 Ratio. 28,80,000 शेयर बढ़कर 57,60,000 शेयर हो गए।
  • दसवां बोनस (2010): 2:3 Ratio. हर 3 शेयर पर 2 बोनस शेयर मिले। आपके 57,60,000 शेयर बढ़कर 96,00,000 शेयर हो गए।
  • ग्यारहवां बोनस (2017): 1:1 Ratio. 96,00,000 शेयर बढ़कर 1,92,00,000 (1.92 करोड़) शेयर हो गए।
  • बारहवां बोनस (2019): 1:3 Ratio. हर 3 शेयर पर 1 बोनस शेयर मिला। 1.92 करोड़ शेयर बढ़कर 2,56,00,000 (2.56 करोड़) शेयर हो गए।
  • नवीनतम बोनस (दिसंबर 2024): 1:1 Ratio. कंपनी ने दिसंबर 2024 में फिर से 1:1 का बोनस दिया। इसके बाद 2.56 करोड़ शेयर सीधे दोगुने होकर 5,12,00,000 (5.12 करोड़) शेयर बन चुके हैं।

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Wipro Bonus Share, Stock Split, Dividend History: डिविडेंड से कमाई

उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर अनुमान है कि कुल डिविडेंड करोड़ों रुपये में हो सकता है। सटीक राशि के लिए 1980 से प्रत्येक वर्ष के डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट के अनुसार शेयरों की अलग-अलग गणना करनी होगी। अगर 1980 से लेकर आज तक मिले छोटे-बड़े सभी डिविडेंड्स को जोड़ लें, जो कि समय के साथ बढ़ते हुए शेयरों पर मिलते गए, तो एक निवेशक को सिर्फ बैंक खाते में नगद मिलने वाला कुल डिविडेंड 150 करोड़ रुपये से 200 करोड़ रुपये के बीच बैठता है। हालांकि यह एक अनुमान हैं। फिर भी अगर यह अमाउंट ज्यादा लगे तो वास्तविक गणना कर लेते हैं। कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 2 रुपये प्रति शेयर का लाभांश दिया है। ऐसे में 5.12 करोड़ शेयर पर यह राशि 10.24 करोड़ रुपये बैठती है।

नोट: यह गणना इस धारणा पर आधारित है कि 1980 के 100 शेयर बोनस और स्टॉक स्प्लिट के बाद आपकी पहले की गणना के अनुसार 5.12 करोड़ शेयर बन गए। यदि किसी ऐतिहासिक कॉर्पोरेट एक्शन (जैसे रिकॉर्ड डेट, राइट्स इश्यू आदि) का प्रभाव अलग हो, तो अंतिम संख्या बदल सकती है। इसलिए इसे आधिकारिक शेयर-होल्डिंग रिकॉर्ड नहीं, बल्कि बोनस और स्टॉक स्प्लिट पर आधारित गणितीय उदाहरण माना जाना चाहिए।

नोट: यह आंकड़े विप्रो की 2008-09 एनुअल रिपोर्ट और बीएसई और एनएसई में दिए गए कार्पोरेट अनाउंमेंट से लिए गए हैं। लिंक नीचे दिया जा रहा है।

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज

नोट: यह खबर विप्रो के अभी तक शेयर के प्रदर्शन के आधार पर है। आगे प्रदर्शन कैसा रहेगा, इसका अनुमान लगाना कठिन है। ऐसे में निवेश से पहले जानकारों की राय लेना अच्छा रहेगा।

Disclaimer: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। upari kamai अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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