NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आईपीओ के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) दाखिल कर दिया है। माना जा रहा है कि एनएसई इस आईपीओ के माध्यम से करीब 30,000 करोड़ रुपये तक जुटा सकती है। इस आईपीओ की एक खास बात है कि इसका कोई भी ‘प्रमोटर’ नहीं है, यानी इसकी पूरी हिस्सेदारी पब्लिक और नॉन-प्रमोटर संस्थाओं के पास है। इसके मुख्य शेयरधारकों में भारत के बड़े सरकारी बैंक, बीमा कंपनियां और दिग्गज घरेलू व विदेशी निवेशक शामिल हैं। आइये जानें कि कौन एनएसई में कितना हिस्सा रखता है। यह जानकारी DRHP के अनुसार दी जा रही है।
एनएसई आईपीओ पूरा पूरा का इश्यू ऑफर फॉर सेल
एनएसई का यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि NSE नए शेयर जारी नहीं कर रहा है, बल्कि एनएसई में निवेश करने वाली कंपनियां ही अपने शेयर बचे रही हैं।
बीमा कंपनियां की हिस्सेदारी
लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न (मार्च 2026) के अनुसार, NSE में मुख्य कंपनियों और निवेशकों की हिस्सेदारी इस प्रकार है:
Life Insurance Corporation of India (LIC): 10.72% हिस्सेदारी, यह सिंगल सबसे बड़ी शेयरधारक है और इस IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है।
General Insurance Corporation of India (GIC Re): 1.64% हिस्सेदारी।
The New India Assurance Company (NIACL): 1.42% हिस्सेदारी।
National Insurance Company: 1.42% हिस्सेदारी।
The Oriental Insurance Company: 1.42% हिस्सेदारी।
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बैंक और वित्तीय संस्थानों की हिस्सेदारी
देश के बड़े बैंकों और उनके निवेश आर्म्स के पास भी इसमें बड़ा हिस्सा है।
State Bank of India (SBI): 3.23% हिस्सेदारी।
SBI Capital Markets (SBI Cap): 4.33% हिस्सेदारी।
Stock Holding Corporation of India (SHCIL): 4.44% हिस्सेदारी।
Bank of Baroda, HDFC Bank, Canara Bank, Punjab National Bank, और Union Bank of India जैसी संस्थाओं के पास भी छोटी हिस्सेदारियां मौजूद हैं।
व्यक्तिगत व कॉर्पोरेट निवेशकों की हिस्सेदारी
अजीम प्रेमजी (Premji Invest): PI Opportunities Fund-I के जरिए 2.38% हिस्सेदारी।
राधाकिशन दमानी (Avenue Supermarts/DMart के फाउंडर): 1.58% हिस्सेदारी।
Tata Investment Corporation & JM Financial: इनके पास भी संस्थागत हिस्सेदारी है।
विदेशी निवेशक और फंड (FIIs & Sovereign Funds)
Aranda Investments (सिंगापुर सरकार के Temasek की आर्म): 4.54% हिस्सेदारी।
Canada Pension Plan Investment Board (CPPIB): इनके पास भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
Crown Capital, TIMF Holdings, और DVI Fund जैसी विदेशी संस्थाओं के पास मिलाकर लगभग 26.66% हिस्सेदारी है।
एनएसई आईपीओ में कितने शेयर बेचे जा रहे
SEBI के पास दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित है। इसके तहत मौजूदा निवेशक कुल मिलाकर 14,89,05,525 (लगभग 14.89 करोड़) इक्विटी शेयर्स की बिक्री कर रहे हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सबसे ज्यादा 2.48 करोड़ शेयर्स बेच रहा है। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड 1.87 करोड़ शेयर्स बेच रहा है।
एमएस स्ट्रेटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड MS Strategic 1.60 करोड़ शेयर्स बेच रहा है।
अरंदा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) पीटीई लिमिटेड Aranda1.12 करोड़ शेयर्स बेच रहा है।
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) 1.10 करोड़ शेयर्स बेच रहा है।
स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) 1.08 करोड़ से 1.09 करोड़ शेयर्स बेच रहा है।
जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) 1.06 करोड़ से 1.07 करोड़ शेयर्स बेच रहा है।
दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NIACL)1.05 करोड़ शेयर्स बेच रहा है। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (National Insurance) 60 लाख शेयर्स बेच रहा है।
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (United India) 60 लाख शेयर्स बेच रही है।
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आईपीओ के पैसों का कहां होगा इस्तेमाल
यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम सीधे इन बेचने वाले शेयरधारकों के पास जाएगी, NSE को अपने बिजनेस संचालन के लिए कोई पैसा नहीं मिलेगा।
Disclaimer: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। upari kamai अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने सेबी रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।







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